अगर आपको अपनी जमीन की खतौनी निकालनी है और समझ नहीं आ रहा कि कहाँ जाएं, तो घबराइए मत।
पहले लोगों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे, पटवारी के पास जाना पड़ता था — तब कहीं जाकर खतौनी मिलती थी। अब यह सब काम आप घर बैठे अपने मोबाइल से 5 मिनट में कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने upbhulekh.gov.in नाम का portal बनाया है जहाँ UP की हर जमीन का रिकॉर्ड online मौजूद है। और सबसे अच्छी बात — यह बिल्कुल मुफ्त है।
इस article में हम आपको एकदम सरल भाषा में बताएंगे:
- खतौनी कैसे देखें — step by step
- नाम से जमीन कैसे खोजें
- रियल टाइम खतौनी क्या है और क्यों ज़रूरी है
- PDF कैसे download करें
- खतौनी किस-किस काम आती है
- UP के किन जिलों में खतौनी online है
Contents
- 1 पहले समझें — खसरा और खतौनी में क्या फर्क होता है?
- 2 जमीन खरीदने से पहले खतौनी में यह ज़रूर check करें
- 3 UP Bhulekh पर खतौनी देखने का तरीका
- 4 रियल टाइम खतौनी — यह क्या होती है और कब काम आती है?
- 5 नाम से जमीन खोजने का सही तरीका
- 6 खतौनी किस-किस काम आती है?
- 7 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- 8 UP के सभी जिलों में खतौनी Online है
- 9 एक ज़रूरी बात
पहले समझें — खसरा और खतौनी में क्या फर्क होता है?
बहुत से लोग इन दोनों को एक ही समझते हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग चीज़ें हैं।
सोचिए आपके गाँव में एक खेत है। उस खेत का एक नंबर होता है — जैसे खेत नंबर 125। यही खसरा नंबर है, जिसे गाटा संख्या भी कहते हैं। इसमें खेत की जानकारी होती है — कितनी ज़मीन है, किस काम आती है, कौन सी फसल होती है।
अब उस खेत का मालिक कौन है — यह जानकारी खतौनी में होती है। खतौनी में मालिक का नाम, उसके नाम पर कितने खेत हैं, कुल कितनी ज़मीन है — सब लिखा होता है। इसे सरकारी भाषा में “अधिकार अभिलेख” कहते हैं।
सीधे शब्दों में कहें तो — खसरा खेत की पहचान है, खतौनी मालिक की पहचान है।
जमीन खरीदने से पहले खतौनी में यह ज़रूर check करें
खतौनी sirf ownership nahi, fraud se bhi bachati hai. Kharidne se pehle yeh dekhen:
Mortgage — अगर “ऋण विवरण” में कोई entry है तो जमीन bank में गिरवी है। पहले loan clear हो, तब खरीदें।
हिस्सेदार — क्या जमीन में कोई और भी है? Joint ownership में सभी की NOC चाहिए।
विवाद — vaad.up.nic.in पर खसरा नंबर से check करें कि कोई court case तो नहीं।
यह 10 मिनट का काम लाखों के fraud से बचाता है।
UP Bhulekh पर खतौनी देखने का तरीका
यह process बहुत आसान है। बस नीचे बताए steps follow करें।
Step 1 — सही website खोलें
अपने mobile या computer में browser खोलें और upbhulekh.gov.in type करके जाएं।

ध्यान रखें — बहुत सारी fake websites हैं जो इसी नाम से मिलती-जुलती दिखती हैं। हमेशा .gov.in वाली website खोलें, यही असली सरकारी portal है।
Step 2 — खतौनी वाला option चुनें
Homepage खुलते ही आपको कई options दिखेंगे। आपको “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” पर click करना है।

Step 2 — अपना जिला, तहसील और गाँव चुनें
अब एक dropdown आएगा। पहले अपना जनपद (जिला) चुनें, फिर तहसील, फिर अपने गाँव का नाम select करें।

गाँव का नाम list में ढूंढने में थोड़ा time लग सकता है क्योंकि UP में हजारों गाँव हैं। नाम के पहले 2-3 अक्षर type करके search करें, जल्दी मिलेगा।
Step 3— जमीन खोजने का तरीका चुनें
यहाँ आपको 4 options मिलते हैं। जो जानकारी आपके पास हो, उसके हिसाब से option चुनें:

खसरा/गाटा संख्या से खोजें — अगर खेत का नंबर पता है तो यह सबसे आसान तरीका है।
खाता संख्या से खोजें — अगर खाता नंबर पता है तो यह चुनें।
खातेदार के नाम से खोजें — अगर कोई नंबर नहीं पता तो मालिक का नाम डालें। यह तरीका सबसे ज़्यादा लोग use करते हैं।
नामांतरण दिनांक से खोजें — यह कम use होता है, mutation की date से खोजना हो तो इसे चुनें।
Step 4— खतौनी देखें और PDF save करें

जमीन का पूरा record screen पर आ जाएगा। “उद्धरण देखें” button दबाएं — खतौनी PDF में खुल जाएगी। अब चाहें तो download करें या print निकालें।
रियल टाइम खतौनी — यह क्या होती है और कब काम आती है?
Portal पर दो तरह की खतौनी मिलती है — सामान्य और रियल टाइम।
रियल टाइम खतौनी हर दिन update होती है। इसमें जमीन की एकदम ताज़ा जानकारी होती है — अगर कल कोई नामांतरण हुआ है तो वो भी इसमें दिखेगा।
अगर आप बैंक से loan लेना चाहते हैं, या जमीन खरीदने-बेचने का काम है, या court में कोई मामला है — तो रियल टाइम खतौनी ही माँगी जाती है क्योंकि यह सबसे latest document होती है।
इसे देखने के लिए homepage पर “रियल टाइम खतौनी की नकल” option चुनें।
नाम से जमीन खोजने का सही तरीका
बहुत लोग नाम से खोजते हैं लेकिन result नहीं मिलता। इसकी एक वजह होती है — नाम की spelling।
Portal पर नाम हिंदी में होता है। अगर आप “राम प्रसाद” की जमीन खोज रहे हैं तो पूरा नाम एक साथ न डालें। सिर्फ “राम” या “राम प्र” type करें — सभी मिलते-जुलते नाम आ जाएंगे, फिर सही वाला चुन लें।
खतौनी किस-किस काम आती है?
खतौनी सिर्फ जमीन देखने के लिए नहीं — यह इन सभी कामों में ज़रूरी होती है:
बैंक loan के लिए — KCC (Kisan Credit Card), Home Loan, Agricultural Loan सभी में खतौनी ज़रूरी है।
PM Kisan योजना — PM Kisan Samman Nidhi के लिए Land Seeding में रियल टाइम खतौनी upload करनी होती है।
जमीन खरीदने-बेचने में — Buyer और Seller दोनों खतौनी verify करते हैं।
Court case में — जमीन विवाद में खतौनी सबसे important legal document है।
नामांतरण और वारासत में — इन processes में खतौनी proof के तौर पर लगती है।
CM कृषक दुर्घटना योजना — किसान accident claim के लिए खतौनी ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या खतौनी देखने के पैसे लगते हैं?
नहीं, बिल्कुल नहीं। upbhulekh.gov.in पर खतौनी देखना और PDF download करना पूरी तरह निःशुल्क है। कोई भी website अगर पैसे माँगे तो वह fraud है — सीधे upbhulekh.gov.in पर जाएं।
मोबाइल से खतौनी कैसे देखें?
Mobile के browser में upbhulekh.gov.in खोलें और वही process follow करें। कोई अलग app download करने की ज़रूरत नहीं है। Official कोई app नहीं है।
नाम से जमीन कैसे खोजें UP Bhulekh पर?
Step 5 में “खातेदार के नाम से खोजें” option चुनें, हिंदी में नाम के पहले 2-3 अक्षर type करें और search करें। एक ही नाम के कई लोग हों तो पिता के नाम से identify करें।
क्या online खतौनी court में valid होती है?
Online खतौनी देखने और information लेने के लिए valid है। लेकिन court, bank या सरकारी काम के लिए certified copy चाहिए जो तहसील कार्यालय से मिलती है।
UP Bhulekh portal काम नहीं कर रहा तो क्या करें?
Portal में कभी-कभी server down होता है। सुबह 6-9 बजे या रात 10 बजे के बाद try करें। Chrome Incognito mode use करें।
पुरानी फसली खतौनी कैसे देखें?
Step 5 में “नकल का प्रकार” select करते समय “पुरानी फसली वर्ष” option चुनें और जिस साल की खतौनी चाहिए वो select करें।
खतौनी में नाम गलत है तो क्या करें?
upbhulekh.gov.in/ansh/ पर जाकर “नाम संशोधन” apply करें। छोटी spelling mistakes इस portal से online ठीक हो जाती हैं।
खतौनी में Mortgage दिख रहा है — जमीन खरीद सकते हैं?
जब तक seller बैंक का loan clear न कर दे — जमीन मत खरीदें। Mortgage वाली जमीन पर bank का पहला हक होता है।
UP के सभी जिलों में खतौनी Online है
UP के सभी 75 जिलों की खतौनी upbhulekh.gov.in पर available है।
पश्चिमी UP: गाज़ियाबाद, नोएडा, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत
मध्य UP: लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, फ़र्रुखाबाद, कन्नौज
पूर्वी UP: वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, जौनपुर, आज़मगढ़, मिर्जापुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, सोनभद्र
बुंदेलखंड: झाँसी, बाँदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, ललितपuर
सभी जिलों के लिए process एक जैसी है।
एक ज़रूरी बात
जब भी जमीन का कोई बड़ा काम हो — खरीदना, बेचना, loan लेना — तो पहले खतौनी ज़रूर चेक करें। इससे आपको पता चलेगा कि जमीन पर कोई विवाद तो नहीं है, कोई bank mortgage तो नहीं है।
यह 5 मिनट का काम आपको बड़ी मुसीबत से बचा सकता है।
UP Bhulekh portal पर खसरा खतौनी देखना अब बहुत आसान है।
बस upbhulekh.gov.in खोलें → “खतौनी की नकल देखें” → captcha भरें → जनपद-तहसील-गाँव चुनें → नाम या खसरा नंबर से search करें → PDF download करें।
याद रखें — यह सेवा बिल्कुल मुफ्त है। किसी app या third-party website को पैसे मत दें।
जमीन खरीदने से पहले हमेशा रियल टाइम खतौनी check करें — Mortgage और ownership दोनों verify करें।
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