बहुत से लोग जमीन खरीदने के बाद रजिस्ट्री करा लेते हैं और सोचते हैं — बस, काम हो गया।
लेकिन असल में काम आधा ही हुआ होता है।
रजिस्ट्री हो जाने के बाद जमीन legally आपकी हो जाती है, लेकिन सरकारी खतौनी में अभी भी पुराने मालिक का नाम होता है। जब तक खतौनी में आपका नाम नहीं आता, तब तक आप उस जमीन पर बैंक से loan नहीं ले सकते, सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा और भविष्य में जमीन बेचने में भी दिक्कत होगी।
इसी process को नामांतरण कहते हैं — जिसे दाखिल-खारिज या Mutation भी कहा जाता है।
इस article में हम बताएंगे:
- नामांतरण क्यों ज़रूरी है।
- किस-किस case में होता है।
- क्या documents चाहिए
- UP नामांतरण process step by step
- Status online कैसे check करें
- नामांतरण के बाद क्या करें
Contents
- 1 नामांतरण / दाखिल-खारिज क्या होता है?
- 2 UP नामांतरण क्यों ज़रूरी है?
- 3 UP नामांतरण कितने प्रकार का होता है?
- 4 UP नामांतरण के लिए Documents
- 5 UP नामांतरण Online Process
- 6 UP नामांतरण Offline process Step by Step
- 7 UP दाखिल-खारिज (Mutation) Status Online कैसे Check करें?
- 8 दाखिल खारिज UP में कितना Time लगता है?
- 9 नामांतरण की Fees कितनी है UP में?
- 10 नामांतरण अटक जाए तो क्या करें?
- 11 नामांतरण के बाद क्या करें?
- 12 UP के सभी जिलों में नामांतरण
- 13 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- 14 सारांश
नामांतरण / दाखिल-खारिज क्या होता है?
नामांतरण वह सरकारी process है जिसमें राजस्व विभाग के record — यानी खतौनी — में पुराने मालिक का नाम हटाकर नए मालिक का नाम दर्ज किया जाता है।
जमीन खरीदने के बाद आपके पास रजिस्ट्री का document होता है यह Sub-Registrar के office का record है, लेकिन Revenue Department का record — यानी खतौनी — अलग होती है, नामांतरण में यही खतौनी update होती है।
इसे अलग-अलग जगह अलग नाम से जाना जाता है:
- उत्तर प्रदेश में — नामांतरण
- बिहार और कुछ अन्य राज्यों में — दाखिल-खारिज
- English में — Mutation
तीनों का मतलब एक ही है — खतौनी में नया मालिक का नाम दर्ज करना।
UP नामांतरण क्यों ज़रूरी है?
बहुत से लोग नामांतरण को टालते रहते हैं। लेकिन इसके बिना कई बड़ी problems आती हैं .:
बैंक loan नहीं मिलेगा — KCC हो या Home Loan, बैंक खतौनी में आपका नाम देखता है। पुराने मालिक का नाम हो तो loan reject हो जाता है।
PM Kisan और सरकारी योजनाएं नहीं मिलेंगी — PM Kisan Samman Nidhi, Fasal Bima, PM Awas Yojana — सभी में खतौनी में आपका नाम होना ज़रूरी है।
जमीन आगे बेचने में दिक्कत — नया खरीदार पहले रियल टाइम खतौनी देखेगा। उसमें आपका नाम नहीं है। तो transaction रुक जाएगा।
विवाद का खतरा — रजिस्ट्री हुई लेकिन खतौनी में नाम नहीं — इस बीच कोई और उस जमीन पर claim कर सकता है।
कानूनी रूप से अधूरे मालिक — Revenue record में नाम नहीं है। तो सरकारी नज़र में ownership पूरी नहीं मानी जाती।
UP नामांतरण कितने प्रकार का होता है?
जिस कारण से जमीन का मालिक बदला हो, उसके हिसाब से नामांतरण का type अलग होता है:
खरीद-बिक्री नामांतरण — जब आपने जमीन खरीदी हो और रजिस्ट्री हो गई हो। यह सबसे common case है।
विरासत नामांतरण UP — जब किसी की मृत्यु के बाद जमीन उनके बेटे, बेटी या अन्य वारिस के नाम होनी हो। इसमें Death Certificate और Legal Heir Certificate ज़रूरी होता है।
बँटवारा नामांतरण — जब परिवार में जमीन का बँटवारा हो और अलग-अलग लोगों के नाम हिस्से आने हों।
न्यायालय आदेश नामांतरण — जब कोर्ट ने किसी के हक में जमीन का फैसला दिया हो।
उपहार / Gift Deed नामांतरण — जब कोई अपनी जमीन किसी को gift दे।
सरकारी अधिग्रहण — जब सरकार ने जमीन ली हो और मुआवजा दिया हो।
UP नामांतरण के लिए Documents
Documents इस बात पर depend करते हैं कि नामांतरण किस कारण से हो रहा है।
खरीद-बिक्री के मामले में:
- रजिस्ट्री की copy (Sale Deed)
- पुराने मालिक की खतौनी copy
- नए मालिक का Aadhaar Card
- Stamp Duty payment की receipt
- Application form (तहसील से मिलेगा)
विरासत नामांतरण UP के मामले में:
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
- वारिस प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate)
- पुरानी खतौनी
- सभी वारिसों की NOC / सहमति पत्र
- सभी वारिसों का Aadhaar Card
बँटवारे के मामले में:
- Registered बँटवारा agreement
- सभी हिस्सेदारों की सहमति
- पुरानी खतौनी
- सभी का Aadhaar
Gift Deed के मामले में:
- Registered Gift Deed
- दोनों parties का Aadhaar
- पुरानी खतौनी
UP नामांतरण Online Process
उत्तर प्रदेश में अब नामांतरण (दाखिल-खारिज / Mutation) की प्रक्रिया RCCMS Portal के माध्यम से online भी की जा सकती है। इससे लोगों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ती है।
Step 1 — RCCMS Portal खोलें
सबसे पहले उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट vaad.up.nic.in पर जाएं।

Step 2 — Registration / Login करें
अगर आप पहली बार portal इस्तेमाल कर रहे हैं . तो पहले registration करें।
इसके बाद:
- User ID बनाएं
- Mobile Number verify करें
- Password सेट करें
- फिर Login करें
Note –Mutation Manual PDF
Step 3 — Mutation / दाखिल-खारिज Option चुनें
लॉगिन करने के बाद:
- “Mutation” या “दाखिल-खारिज” विकल्प चुनें
- अब आवेदन फॉर्म खुलेगा
इसमें यह जानकारी भरनी होती है:
- जनपद
- तहसील
- गाँव
- खसरा / गाटा संख्या
- पुराने मालिक की जानकारी
- नए मालिक की जानकारी
- नामांतरण का कारण
Step 4 — Documents Upload करें
अब जरूरी documents upload करें:
खरीद-बिक्री के मामले में:
- Sale Deed / Registry copy
- Aadhaar Card
- खतौनी copy
- Stamp Duty receipt
विरासत के मामले में:
- Death Certificate
- Legal Heir Certificate
- पुरानी खतौनी
- वारिसों की सहमति (यदि आवश्यक हो)
Step 5 — Online Fee Payment करें
आवेदन शुल्क online जमा करना होता है।
Payment आप:
- UPI
- Net Banking
- Debit Card
- Credit Card
के माध्यम से कर सकते हैं .।
Payment होने के बाद receipt डाउनलोड करके सुरक्षित रखें।
Step 6 — Verification Process
आवेदन submit होने के बाद:
- Lekhpal जांच करता है।
- Field inspection हो सकती है।
- जरूरत पड़ने पर notice जारी होता है।
- कोई objection न होने पर Tehsildar approval देते हैं .।
Step 7 — खतौनी Update होती है।
Approval के बाद:
- खतौनी में नया नाम दर्ज हो जाता है।
- Online record update हो जाता है।
- बाद में आप updated खतौनी डाउनलोड कर सकते हैं .।
UP नामांतरण Offline process Step by Step
Step 1 — Application Form लें
अपनी तहसील में जाएं। नामांतरण का application form वहाँ मिलता है — आमतौर पर free या ₹5-10 में।
Form में यह जानकारी भरें:
- आवेदक का नाम और पता
- जमीन का विवरण — जनपद, तहसील, गाँव, खसरा नंबर
- नामांतरण का कारण
- पुराने और नए मालिक की जानकारी
Step 2 — Documents साथ लगाएं
ऊपर बताए गए documents की photocopy form के साथ attach करें। Original documents साथ लेकर जाएं क्योंकि Lekhpal verify करेंगे।
Step 3 — Tehsil में Application जमा करें
भरा हुआ form Lekhpal या Naib Tehsildar के पास जमा करें। Application जमा होते ही रसीद मिलेगी जिस पर Application Number होगा — यह संभाल कर रखें।
Step 4 — Lekhpal Field Inspection करेगा
Application मिलने के बाद Lekhpal जमीन का physical inspection करता है — verify करता है कि जमीन सही जगह है, कोई विवाद नहीं है, documents सही हैं .।
Step 5 — Notice Period (Objection Period)
Application के बाद गाँव में या तहसील के notice board पर notice लगता है 15-30 दिन का यह period होता है, इस दौरान कोई भी आपत्ति उठा सकता है।
Step 6 — Tehsildar का आदेश
कोई objection नहीं आई और documents सही हैं . तो Tehsildar नामांतरण का आदेश जारी करते हैं .।
Step 7 — खतौनी update होती है।
Tehsildar के आदेश के बाद Lekhpal खतौनी update करता है रियल टाइम खतौनी में आपका नाम दिखने लगता है।
UP दाखिल-खारिज (Mutation) Status Online कैसे Check करें?
अगर आपने उत्तर प्रदेश में नामांतरण / दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन किया है, तो उसका status अब घर बैठे online check किया जा सकता है। इसके लिए आपको बार-बार तहसील जाने की जरूरत नहीं पड़ती। Mutation Case की स्थिति RCCMS Portal (Revenue Court Computerized Management System) के माध्यम से देखी जा सकती है।
Step 1 — RCCMS Portal खोलें
सबसे पहले उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट vaad.up.nic.in खोलें।
Step 2 — Mutation / वाद की स्थिति विकल्प चुनें
होमपेज पर आपको:
- “वाद की स्थिति”
या - “Case Status”
जैसा option दिखाई देगा।
उस पर click करें।

Step 3 — जरूरी जानकारी भरें
अब आपके सामने status check करने का page खुलेगा।
यहाँ आपको:
- जनपद (District)
- तहसील
- Case Number / आवेदन संख्या
या - पक्षकार का नाम
दर्ज करना होगा।
Step 4 — Search Button पर Click करें
जानकारी भरने के बाद:
- Search / खोजें button पर click करें
इसके बाद आपकी mutation application की current status स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।
Status का मतलब:
आवेदन प्राप्त : इसका मतलब आपका आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो चुका है।
लेखपाल जांच में : Lekhpal द्वारा documents verification और field inspection की प्रक्रिया चल रही है।
आपत्ति अवधि : Application पर objection / notice period चल रहा है।
तहसीलदार के पास लंबित : अब final approval के लिए case Tehsildar के पास है।
स्वीकृत : आपका दाखिल-खारिज approve हो चुका है और खतौनी update की जा रही है।
अस्वीकृत : Application reject हो गई है। इसका कारण portal पर दिख सकता है।
दाखिल खारिज UP में कितना Time लगता है?
नियम के हिसाब से — UP Revenue Code के अनुसार 45 दिन में नामांतरण होना चाहिए।
असल में — 2 से 4 महीने लग सकते हैं .। यह depend करता है:
- Documents सही हैं . या नहीं
- Lekhpal की workload कितनी है।
- कोई objection आई या नहीं
- आपकी तहसील का काम का बोझ
जल्दी करवाने के तरीके:
- सुबह जल्दी तहसील जाएं जब भीड़ कम हो
- सभी documents पहले से ready रखें
- Application number से weekly status check करें
- ज़्यादा delay हो तो SDM को written complaint दें
नामांतरण की Fees कितनी है UP में?
UP में नामांतरण के लिए कोई बड़ी fees नहीं है:
- Application form — ₹5-20 (कुछ जगह free)
- Application पर Stamp — ₹10-50
- Overall official cost — बहुत nominal
ध्यान रखें — अगर कोई दलाल ₹5,000-10,000 माँगे तो यह fraud है, Official process में इतना पैसा नहीं लगता।
नामांतरण अटक जाए तो क्या करें?
कभी-कभी सब documents सही हों, लेकिन महीनों बाद भी नामांतरण न हो। ऐसे में:
Step 1 — Lekhpal से मिलें — पूछें क्या कोई document missing है या problem है।
Step 2 — Naib Tehsildar को written complaint दें — लिखित में बताएं कि कितने दिनों से pending है।
Step 3 — SDM office में शिकायत — अगर Naib Tehsildar से भी काम न हो।
Step 4 — CM Helpline 1076 — UP सरकार की helpline पर call करें। इससे जल्दी action होता है।
Step 5 — Jansunwai Portal — jansunwai.up.nic.in पर online complaint दर्ज करें।
नामांतरण के बाद क्या करें?
नामांतरण approve होने के बाद भी कुछ ज़रूरी काम बाकी रहते हैं जो बहुत लोग miss कर देते हैं:
रियल टाइम खतौनी check करें — upbhulekh.gov.in पर जाकर रियल टाइम खतौनी देखें। उसमें आपका नाम आ जाना चाहिए। अगर 15-20 दिन बाद भी नाम नहीं आया तो Lekhpal से मिलें।
भू-नक्शा verify करें — upbhunaksha.gov.in पर जाकर अपनी जमीन का नक्शा देखें। Confirm करें कि जमीन सही जगह और सही size में दिख रही है।
Certified Copy लें — तहसील से नामांतरण आदेश की certified copy लें और safe रखें। भविष्य में बैंक या कोर्ट में काम आएगी।
Bank records update करें — अगर पहले से कोई loan चल रहा है तो बैंक को नए ownership की जानकारी दें।
PM Kisan update करें — अगर किसान हैं तो PM Kisan portal पर जाकर अपनी जमीन की details update करें।
UP के सभी जिलों में नामांतरण
UP के सभी 75 जिलों में नामांतरण की process एक जैसी है।
पश्चिमी UP: गाज़ियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)
मध्य UP: लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, फ़र्रुखाबाद
पूर्वी UP: वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, जौनपुर, आज़मगढ़, मिर्जापुर, बलिया, देवरिया
बुंदेलखंड: झाँसी, बाँदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा
सभी जगह process same है — बस अपनी तहसील में जाएं और application दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रजिस्ट्री के बाद नामांतरण कराना कितना ज़रूरी है?
बहुत ज़रूरी है- रजिस्ट्री सिर्फ यह prove करती है कि जमीन बिकी। सरकारी record में नाम नामांतरण से ही आता है, बिना नामांतरण के बैंक loan नहीं मिलेगा और सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं होगा।
UP में नामांतरण status online कैसे देखें?
vaad.up.nic.in खोलें → “नामांतरण की स्थिति” option चुनें → जनपद, तहसील और application number डालें → status दिखेगा।
दाखिल खारिज UP में कितना time लगता है?
नियम के हिसाब से 45 दिन। लेकिन practically 2-4 महीने लग सकते हैं । Documents सही हों और कोई objection न आए तो जल्दी होता है।
विरासत में मिली जमीन का नामांतरण कैसे होता है?
Death Certificate, Legal Heir Certificate और सभी वारिसों की NOC के साथ तहसील में application दें। अगर सभी वारिस सहमत हों तो process smooth रहती है।
नामांतरण reject हो जाए तो क्या करें?
Rejection का कारण notice में लिखा होता है। उस कमी को दूर करके दोबारा apply करें। अगर rejection गलत लगे तो Tehsildar के आदेश के खिलाफ SDM के पास appeal करें।
क्या नामांतरण के बिना जमीन बेच सकते हैं?
technically रजिस्ट्री हो सकती है, लेकिन कोई समझदार खरीदार बिना updated खतौनी के जमीन नहीं खरीदेगा। नामांतरण करवाने के बाद ही जमीन बेचें।
एक ही जमीन पर दो लोगों के नाम हो सकते हैं?
हाँ, अगर जमीन jointly खरीदी गई हो या बँटवारा न हुआ हो तो दोनों के नाम खतौनी में आ सकते हैं, हर एक का हिस्सा अलग-अलग दर्ज होता है।
सारांश
जमीन खरीदने के बाद रजिस्ट्री से काम खत्म नहीं होता — UP नामांतरण करना ज़रूरी है।
तहसील में जाएं → application form भरें → documents लगाएं → जमा करें। 45 दिन में नामांतरण हो जाना चाहिए। Status check करते रहें vaad.up.nic.in पर।
नामांतरण के बाद रियल टाइम खतौनी में अपना नाम confirm करें, भू-नक्शा verify करें और certified copy ज़रूर लें।
अगर बहुत delay हो तो CM Helpline 1076 पर call करें या jansunwai.up.nic.in पर online complaint दर्ज करें।
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