हर साल Lekhpal गाँव में आता है। खेतों में जाता है। कुछ नोट करता है। चला जाता है।
यह गिरदावरी है।
बहुत किसान इसे seriously नहीं लेते। लेकिन जब फसल बर्बाद होती है और बीमा claim करना होता है — तब पता चलता है कि गिरदावरी कितनी ज़रूरी थी।
Contents
गिरदावरी क्या होती है?
गिरदावरी (Girdawari) एक Revenue record है जिसमें Lekhpal हर फसली season में:
- किसान के खेत में कौन सी फसल लगी है
- कितने area में लगी है
- जमीन कौन काश्त कर रहा है (मालिक या किरायेदार)
- जमीन सिंचित है या बारानी
यह सब record करता है और तहसील में submit करता है।
साल में दो बार होती है:
- खरीफ गिरदावरी — October-November (धान, मक्का, गन्ना season)
- रबी गिरदावरी — April-May (गेहूँ, सरसों season)
गिरदावरी किसके लिए ज़रूरी है?
1. फसल बीमा (PMFBY) Claim
फसल बर्बाद होने पर PM Fasal Bima Yojana का claim करना है तो गिरदावरी में फसल का record होना ज़रूरी है।
अगर गिरदावरी में आपके खेत में “परती” (fallow) लिखा है और आप कह रहे हैं गेहूँ बर्बाद हुई — claim reject होगा।
2. KCC और Agricultural Loan
Bank KCC (Kisan Credit Card) या agricultural loan देते समय गिरदावरी record देखता है — किसान वाकई खेती कर रहा है।
3. आय प्रमाण पत्र
Agricultural income certificate के लिए गिरदावरी record काम आता है।
4. सरकारी योजनाएं
कई सरकारी schemes में गिरदावरी record से verify होता है कि किसान actually farming कर रहा है।
गिरदावरी कैसे होती है — Process
Step 1 — Lekhpal field visit Lekhpal तय season में गाँव आता है। हर खेत में जाता है।
Step 2 — Crop note करना खेत में कौन सी फसल है — नोट करता है। कभी-कभी किसान से confirm करता है।
Step 3 — Cultivation note करना जमीन कौन जोत रहा है — मालिक खुद या कोई और।
Step 4 — Records submit तहसील में गिरदावरी register update होता है।
गिरदावरी में गलती हो जाए — क्या करें?
Common गलतियाँ:
- Lekhpal ने खेत नहीं देखा और “परती” लिख दिया
- गलत फसल लिख दी
- Area गलत नोट किया
Solution: तुरंत Lekhpal से मिलें। Correct करने के लिए कहें।
अगर Lekhpal नहीं सुन रहा → Kanungo को complaint → Naib Tehsildar।
जितनी जल्दी हो उतना अच्छा — season खत्म होने के बाद correction मुश्किल।
गिरदावरी और Real Time Khatauni
गिरदावरी का data धीरे-धीरे digital हो रहा है।
कुछ जिलों में Real Time Khatauni में “काश्तकार” column में गिरदावरी का data reflect होता है।
upbhulekh.gov.in पर रियल टाइम खतौनी में “सिंचाई का साधन” और “काश्त” column check करें।
किसान के लिए 5 ज़रूरी Tips
Tip 1: Lekhpal जब गाँव में आए — अपने खेत में present रहें।
Tip 2: गिरदावरी के बाद Lekhpal से confirm करें कि सही फसल record हुई।
Tip 3: अगर फसल बर्बाद हो तो पहले देखें कि गिरदावरी में वो फसल लिखी है या नहीं।
Tip 4: गिरदावरी register की copy माँग सकते हैं — तहसील record room से।
Tip 5: Lekhpal पैसे माँगे → jansunwai.up.nic.in पर complaint।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गिरदावरी कब होती है? साल में दो बार — खरीफ season में October-November और रबी season में April-May।
गिरदावरी कौन करता है? Lekhpal — Revenue Department का village-level officer।
गिरदावरी में गलत फसल लिखी है — कैसे ठीक होगी? तुरंत Lekhpal से मिलें। Season खत्म होने से पहले correct करवाएं। Kanungo को भी बता सकते हैं।
क्या गिरदावरी online देख सकते हैं? कुछ जिलों में partial data Real Time Khatauni में है। Fully online अभी नहीं है।
गिरदावरी नहीं हुई — फसल बीमा claim मिलेगा? मुश्किल होगा। Girdawari में फसल का record नहीं है तो claim reject हो सकता है।
सारांश
गिरदावरी = Lekhpal का seasonal record — किसके खेत में कौन सी फसल लगी है।
साल में दो बार: खरीफ (Oct-Nov) और रबी (Apr-May)।
क्यों ज़रूरी है: फसल बीमा claim, KCC loan, सरकारी योजनाएं।
किसान की ज़िम्मेदारी: Lekhpal जब आए — present रहें। सही फसल record हो — confirm करें।
खतौनी guide: Complete Bhulekh Guide → फसल बीमा guide: PM Fasal Bima Khatauni →
